तेरी बीती उमर तेरी बीती उमरिया जायगी रे
<p><strong>"तेरी बीती उमर, तेरी बीती उमरिया जाएगी रे"</strong> एक गहन वैराग्य और आध्यात्मिक चेतना से भरपूर भजन है। यह भजन मनुष्य को जीवन की क्षणभंगुरता का स्मरण कराता है और बताता है कि समय बहुत तेजी से बीत रहा है। संसार के सुख, धन, सौंदर्य और वैभव सब नश्वर हैं, इसलिए मनुष्य को समय रहते भगवान का भजन और स्मरण करना चाहिए।</p><p>भजन का उद्देश्य मनुष्य को मोह-माया से जागृत करना और उसे ईश्वर-भक्ति की ओर प्रेरित करना है। इसमें बताया गया है कि जीवन, शरीर, संपत्ति और संबंध एक दिन समाप्त हो जाएंगे, लेकिन भगवान का नाम और भक्ति ही आत्मा के साथ रहेंगे।</p>
Frequently Asked Questions
इस भजन का मुख्य संदेश है कि जीवन और संसार की सभी वस्तुएँ नश्वर हैं, इसलिए समय रहते भगवान हरि का भजन करना चाहिए।
इनका उल्लेख यह समझाने के लिए किया गया है कि सांसारिक वैभव स्थायी नहीं है और एक दिन सब कुछ यहीं रह जाता है।
इसका अर्थ है कि भगवान का भजन और नाम-स्मरण मनुष्य को पापों, भय और जन्म-मरण के बंधनों से मुक्ति पाने की दिशा में ले जाता है।