श्री राम आरती
<p class="ql-align-center"><br></p><p><br></p><p class="ql-align-center"><span style="color: rgb(68, 71, 70); background-color: transparent;">"श्री रामचंद्र कृपालु भज मन" भगवान श्रीराम की महिमा का वर्णन करने वाली सबसे प्रसिद्ध और लोकप्रिय स्तुतियों में से एक है। इसकी रचना महान संत कवि Tulsidas ने की थी। यह स्तुति भगवान श्रीराम के करुणामय स्वरूप, दिव्य सौंदर्य, मर्यादा, शौर्य और भक्तों के प्रति उनकी असीम कृपा का सुंदर वर्णन करती है।</span></p><p><br></p><p class="ql-align-center"><span style="color: rgb(68, 71, 70); background-color: transparent;">राम भक्तों के लिए यह स्तुति विशेष महत्व रखती है और राम नवमी, रामायण पाठ, सुंदरकाण्ड, दैनिक पूजा एवं भजन संध्या में श्रद्धापूर्वक गाई जाती है। "श्री रामचंद्र कृपालु भज मन" का नियमित पाठ मन को शांति, सकारात्मक ऊर्जा और भगवान श्रीराम के प्रति गहरी भक्ति प्रदान करता है।</span></p><p><br></p>
Frequently Asked Questions
श्री राम आरती प्रतिदिन सुबह और शाम की पूजा में, राम नवमी, रामायण पाठ, सुंदरकांड पाठ तथा अन्य धार्मिक अवसरों पर गाई जा सकती है।
श्रद्धा और भक्ति भाव से श्री राम आरती करने से मानसिक शांति, आत्मविश्वास, आध्यात्मिक उन्नति तथा भगवान राम की कृपा प्राप्त होने की मान्यता है।
इस आरती में अहिल्या उद्धार, केवट प्रसंग, शिव धनुष भंग, सुग्रीव और विभीषण को शरण देना जैसी भगवान राम की प्रमुख लीलाओं का वर्णन मिलता है।