संकट हर लो मंगल कर दो
<p><strong>“संकट हर लो, मंगल कर दो”</strong> भगवान गणेश जी की करुणा, कृपा और विघ्नहर्ता स्वरूप का गुणगान करने वाला एक अत्यंत भावपूर्ण भजन है। इस भजन में भक्त अपने जीवन की कठिनाइयों, दुखों और संकटों को दूर करने के लिए गणपति बप्पा से प्रार्थना करता है।</p><p>भजन में भगवान गणेश को <strong>शिव और गौरी के प्रिय पुत्र, गणनायक, सिद्धिविनायक और संकटहर्ता</strong> के रूप में संबोधित किया गया है। भक्त हाथ जोड़कर उनसे अपनी पीड़ा सुनने, संकटों का नाश करने और जीवन में सुख, शांति तथा मंगल प्रदान करने की विनती करता है।</p><p>यह भजन श्रद्धा, विश्वास और पूर्ण समर्पण का प्रतीक है। इसे विशेष रूप से <strong>गणेश चतुर्थी, भजन संध्या, कीर्तन और गणेश पूजा</strong> के दौरान गाया जाता है, जिससे भक्तों के मन में आशा, साहस और आध्यात्मिक शक्ति का संचार होता है।</p>