पहले ध्यान श्री गणेश का
<p><strong>“पहले ध्यान श्री गणेश का”</strong> भगवान गणेश जी की महिमा और प्रथम पूज्य स्वरूप का वर्णन करने वाला एक अत्यंत भक्तिमय भजन है। इस भजन में भक्तों को यह संदेश दिया गया है कि किसी भी शुभ कार्य, पूजा, यज्ञ, उत्सव या धार्मिक अनुष्ठान की शुरुआत भगवान गणेश के स्मरण और पूजन से करनी चाहिए।</p><p>भजन में गणेश जी को मंगलकारी, विघ्नहर्ता और देवताओं में सर्वप्रथम पूजनीय देवता के रूप में प्रस्तुत किया गया है। इसमें मोदक अर्पित करने, आरती, स्तुति, भजन और प्रार्थना के माध्यम से उनकी भक्ति करने का महत्व बताया गया है। साथ ही यह भी दर्शाया गया है कि गणपति जी के दर्शन और कृपा से जीवन में सुख, शांति और शुभता का आगमन होता है।</p><p>यह भजन विशेष रूप से <strong>गणेश चतुर्थी, गणेश पूजा, भजन संध्या, कीर्तन और धार्मिक उत्सवों</strong> में गाया जाता है तथा भक्तों के मन में श्रद्धा, भक्ति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।</p>