मेरे कीर्तन में रंग बरसाओ
<pre class="ql-syntax" spellcheck="false">“मेरे कीर्तन में रंग बरसाओ, आओ जी गजानन आओ” भगवान गणेश जी की स्तुति में गाया जाने वाला एक अत्यंत लोकप्रिय और मंगलमय भजन है। इस भजन में भक्त सबसे पहले गजानन (श्री गणेश) को अपने कीर्तन और भक्ति समारोह में आमंत्रित करता है, क्योंकि हिंदू परंपरा में किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत भगवान गणेश के स्मरण से की जाती है।
भजन की विशेषता यह है कि इसमें केवल गणेश जी ही नहीं, बल्कि ब्रह्मा, विष्णु, महादेव, लक्ष्मी, सरस्वती, राम, सीता, कृष्ण, राधा, हनुमान और अन्य देवी-देवताओं को भी कीर्तन में पधारने का निमंत्रण दिया गया है। इससे यह भजन सम्पूर्ण दिव्य शक्तियों के स्वागत और सामूहिक भक्ति का प्रतीक बन जाता है।
यह भजन विशेष रूप से गणेश उत्सव, भजन संध्या, सत्संग, कीर्तन, जागरण और धार्मिक समारोहों में गाया जाता है। इसके मधुर बोल और आनंदमयी भाव वातावरण को भक्तिमय बना देते हैं तथा भक्तों के मन में श्रद्धा, उत्साह और आध्यात्मिक आनंद का संचार करते हैं।
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