लक्ष्मी जी की आरती
श्री लक्ष्मी जी की आरती हिंदू धर्म की सबसे लोकप्रिय आरतियों में से एक है। यह आरती धन, वैभव, समृद्धि और सौभाग्य की अधिष्ठात्री देवी माँ लक्ष्मी को समर्पित है। "ॐ जय लक्ष्मी माता" आरती का गायन विशेष रूप से दीपावली, शुक्रवार, कोजागरी पूर्णिमा तथा दैनिक पूजा के दौरान किया जाता है।
माँ लक्ष्मी को भगवान विष्णु की अर्धांगिनी माना जाता है और वे संसार में धन, ऐश्वर्य, समृद्धि, सुख तथा सौभाग्य प्रदान करती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार समुद्र मंथन के समय माँ लक्ष्मी प्रकट हुई थीं और उन्होंने भगवान विष्णु को अपना पति स्वीकार किया था।
भक्त माँ लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने, आर्थिक उन्नति, परिवार में सुख-समृद्धि तथा जीवन में सकारात्मक ऊर्जा के लिए इस आरती का पाठ और गायन करते हैं। यह आरती केवल भौतिक धन ही नहीं बल्कि आध्यात्मिक समृद्धि, संतोष और सद्गुणों का भी संदेश देती है।