जय श्री राम हरे स्वामी जय सिया राम हरे
<p><strong>"जय श्री राम हरे स्वामी जय सिया राम हरे"</strong> भगवान श्रीराम और माता सीता की महिमा का गुणगान करने वाली एक अत्यंत पावन और भक्तिमय आरती है। इस आरती में भगवान श्रीराम के दिव्य स्वरूप, उनकी करुणा, धर्म स्थापना, भक्तों के उद्धार तथा रामायण की प्रमुख लीलाओं का सुंदर वर्णन किया गया है। आरती में श्रीराम को भक्तों के दुःखों का नाश करने वाला, कृपा का भंडार और संसार का कल्याण करने वाला बताया गया है।</p><p>इस आरती में अहिल्या उद्धार, केवट प्रसंग, शिव धनुष भंग, सुग्रीव और विभीषण को शरण देने जैसी अनेक लीलाओं का स्मरण किया गया है। आरती का गायन भक्तों के मन में श्रद्धा, भक्ति, शांति और भगवान श्रीराम के प्रति समर्पण का भाव उत्पन्न करता है।</p>
Frequently Asked Questions
यह आरती भगवान श्रीराम की करुणा, धर्मपालन, भक्तवत्सलता और आदर्श जीवन के संदेश को प्रस्तुत करती है।
ये प्रसंग भगवान श्रीराम की करुणा, समानता और भक्तों के प्रति प्रेम को दर्शाते हैं।
श्रद्धा से आरती करने पर मन को शांति, सकारात्मकता, आत्मबल और भगवान श्रीराम की कृपा प्राप्त होने का विश्वास किया जाता है।