हे शारदे मां
"हे शारदे माँ, हे शारदे माँ, अज्ञानता से हमें तार दे माँ" माँ सरस्वती की महिमा का गुणगान करने वाला एक अत्यंत लोकप्रिय और भक्तिपूर्ण भजन है। इस भजन में भक्त माँ शारदा (सरस्वती) से प्रार्थना करता है कि वे उसके जीवन से अज्ञानता, भ्रम और अंधकार को दूर करके ज्ञान, विवेक और सद्बुद्धि का प्रकाश प्रदान करें।
माँ सरस्वती को ज्ञान, विद्या, वाणी, संगीत, कला और बुद्धि की देवी माना जाता है। इस भजन में उनकी इन्हीं दिव्य शक्तियों का वर्णन किया गया है। भक्त स्वीकार करता है कि वह ज्ञान के बिना अधूरा है और माँ की कृपा के बिना जीवन का सही मार्ग नहीं पा सकता। इसलिए वह माँ की शरण में जाकर उनसे ज्ञान और आध्यात्मिक उन्नति का आशीर्वाद माँगता है।
यह भजन विद्यार्थियों, शिक्षकों, संगीतकारों, कलाकारों और सभी ज्ञान-पिपासुओं के लिए प्रेरणादायक है। इसके शब्द जीवन में शिक्षा, संस्कार और सकारात्मक सोच के महत्व को उजागर करते हैं।