भगवान गणेश के 108 नाम हिंदी में (अर्थ सहित)
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Lord Ganesha 108 Names in Hindi | गणपति के 108 पवित्र नाम
बालगणपति – बाल रूप वाले गणपति भालचन्द्र – मस्तक पर चंद्र धारण करने वाले बुद्धिनाथ – बुद्धि के स्वामी धूम्रवर्ण – धुएँ के समान वर्ण वाले एकाक्षर – एक अक्षर स्वरूप एकदंत – एक दाँत वाले गजकर्ण – हाथी जैसे कान वाले गजानन – हाथी मुख वाले गजनान – गज समान मुख वाले गजवक्र – वक्र सूंड वाले गजवक्त्र – हाथी मुख धारण करने वाले गणाध्यक्ष – गणों के अध्यक्ष गणपति – गणों के स्वामी गौरीसुत – माता गौरी के पुत्र लंबकर्ण – लंबे कान वाले लंबोदर – बड़े उदर वाले महाबल – अत्यंत बलशाली महागणपति – महान गणपति महेश्वर – महान ईश्वर मंगलमूर्ति – मंगल करने वाले मूषकवाहन – मूषक वाहन वाले निदीश्वरम – धन के स्वामी प्रथमेश्वर – प्रथम पूज्य देव शूपकर्ण – सूप जैसे बड़े कान वाले शुभम – शुभ करने वाले सिद्धिदाता – सिद्धि देने वाले सिद्धिविनायक – सिद्धि प्रदान करने वाले विनायक सुरेश्वरम – देवताओं के ईश्वर वक्रतुंड – टेढ़ी सूंड वाले अखूरथ – मूषक रथ वाले अलंपत – अनादि एवं अनंत अमित – असीम स्वरूप अनंतचिदरुपम – अनंत चेतना स्वरूप अवनीश – पृथ्वी के स्वामी अविघ्न – विघ्नों को दूर करने वाले भीम – विशाल और शक्तिशाली भूपति – पृथ्वी के स्वामी भुवनपति – संसार के स्वामी बुद्धिप्रिय – बुद्धि प्रिय बुद्धिविधाता – बुद्धि देने वाले चतुर्भुज – चार भुजाओं वाले देवदेव – देवों के देव देवांतकनाशकारी – दैत्यों का नाश करने वाले देवव्रत – दिव्य व्रत धारण करने वाले देवेन्द्राशिक – देवों के रक्षक धार्मिक – धर्मप्रिय दूर्जा – अजेय द्वैमातुर – दो माताओं से जुड़े एकदंष्ट्र – एक दाँत वाले ईशानपुत्र – भगवान शिव के पुत्र गदाधर – गदा धारण करने वाले गणाध्यक्षिण – गणों के नेता गुणिन – गुणों से भरपूर हरिद्र – पीत वर्ण वाले हेरंब – दुर्बलों के रक्षक कपिल – तपस्वी स्वरूप कवीश – कवियों के स्वामी कीर्ति – यश देने वाले कृपाकर – कृपा करने वाले कृष्णपिंगाक्ष – भूरे नेत्र वाले क्षेमंकरी – कल्याण करने वाले क्षिप्रा – शीघ्र प्रसन्न होने वाले मनोमय – मन में निवास करने वाले मृत्युंजय – मृत्यु पर विजय पाने वाले मूढ़ाकरम – आनंद देने वाले मुक्तिदायी – मोक्ष देने वाले नादप्रतिष्ठित – नाद में स्थित नमस्तेतु – सभी को प्रणम्य नंदन – आनंद देने वाले पाषिण – पाश धारण करने वाले पीतांबर – पीले वस्त्र धारण करने वाले प्रमोद – आनंद स्वरूप पुरुष – परम पुरुष रक्त – लाल वर्ण वाले रुद्रप्रिय – शिवप्रिय सर्वदेवात्मन – सभी देवों में स्थित सर्वसिद्धांत – सभी सिद्धांतों के ज्ञाता सर्वात्मन – सबके आत्मरूप शांभवी – शिव शक्ति से जुड़े शशिवर्णम – चंद्र समान वर्ण वाले शुभगुणकानन – शुभ गुणों का भंडार श्वेता – श्वेत वर्ण वाले सिद्धिप्रिय – सिद्धियों के प्रिय स्कंदपूर्वज – कार्तिकेय के बड़े भाई सुमुख – सुंदर मुख वाले स्वरुप – दिव्य रूप वाले तरुण – सदैव युवा उद्दण्ड – प्रचंड शक्ति वाले उमापुत्र – माता उमा के पुत्र वरगणपति – वर देने वाले गणपति वरप्रद – वरदान देने वाले वरदविनायक – वर प्रदान करने वाले विनायक वीरगणपति – वीर स्वरूप गणपति विद्यावारिधि – विद्या के सागर विघ्नहर – विघ्नों को हरने वाले विघ्नहर्ता – बाधा दूर करने वाले विघ्नविनाशन – विघ्नों का नाश करने वाले विघ्नराज – विघ्नों के राजा विघ्नराजेन्द्र – विघ्नों के स्वामी विघ्नविनाशाय – विघ्नों का विनाश करने वाले विघ्नेश्वर – विघ्नों के ईश्वर विकट – विशाल और कठिन रूप वाले विनायक – श्रेष्ठ नेता विश्वमुख – समस्त विश्व में मुखरूप यज्ञकाय – यज्ञ स्वरूप यशस्कर – यश देने वाले यशस्विन – यशस्वी योगाधिप – योग के स्वामी
इन 108 नामों का जप करने से बुद्धि, विवेक, सफलता, सुख-समृद्धि और विघ्नों से मुक्ति प्राप्त होती है।
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Frequently Asked Questions
भगवान गणेश के 108 नामों का जाप करने का क्या महत्व है?
भगवान गणेश के 108 नामों का जाप करने से बुद्धि, विवेक, ज्ञान और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह जाप विघ्नों को दूर करने, शुभ कार्यों में सफलता प्राप्त करने और गणेशजी की कृपा पाने का प्रभावी साधन माना जाता है।
भगवान गणेश के 108 नामों का जाप कैसे करना चाहिए?
प्रातःकाल स्नान करके स्वच्छ स्थान पर बैठें और भगवान गणेश का ध्यान करें। इसके बाद श्रद्धा और एकाग्रता के साथ 108 नामों का उच्चारण करें। चाहें तो रुद्राक्ष या तुलसी की माला का उपयोग कर सकते हैं। जाप के अंत में गणेशजी की आरती और प्रार्थना करना शुभ माना जाता है।
भगवान गणेश के 108 नामों के अर्थ जानना क्यों महत्वपूर्ण है?
भगवान गणेश के प्रत्येक नाम में उनके किसी विशेष गुण, शक्ति या दिव्य स्वरूप का वर्णन होता है। नामों के अर्थ को समझने से भक्त गणेशजी के व्यक्तित्व, शिक्षाओं और आध्यात्मिक महत्व को गहराई से जान पाते हैं, जिससे भक्ति और श्रद्धा और अधिक प्रगाढ़ होती है।